केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में \’आर. एन. काओ स्मृति व्याख्यान\’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत की खुफिया एजेंसी \’रॉ\’ (RAW) द्वारा किया गया था। अपने भाषण में अमित शाह ने दुनिया भर के देशों को चेतावनी दी और ड्रग्स को जड़ से खत्म करने के लिए भारत का प्लान सामने रखा।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने साल 2047 तक देश को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार इसके लिए \’जीरो टॉलरेंस\’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, \”हम यह पक्का करेंगे कि नशीले पदार्थों का एक ग्राम भी न तो भारत के अंदर आ पाए और न ही हमारी सीमाओं से बाहर जा पाए।\”
गृह मंत्री ने दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि ड्रग्स का मुद्दा सिर्फ पुलिस या कानून-व्यवस्था का नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों को बर्बाद कर रहा है। ड्रग्स की कमाई से आतंकवाद और अपराध को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी, \”दुनिया के सभी देशों के पास इस खतरे को हराने के लिए मिलकर काम करने का अभी भी समय है। अगर आज हम सब मिलकर कदम नहीं उठाएंगे, तो 10 साल बाद दुनिया को एहसास होगा कि बहुत देर हो चुकी है और नुकसान की भरपाई नामुमकिन है।\”
अमित शाह ने कहा कि दुनिया में 195 देश हैं और करीब 8 अरब की आबादी है। ऐसे में कोई भी देश अकेले इस समस्या से नहीं लड़ सकता। उन्होंने ड्रग्स माफियाओं को रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिए। दुनिया के सभी देशों में ड्रग्स बेचने वालों के लिए एक जैसी कड़ी सजा का कानून होना चाहिए। ड्रग्स की खेप को पकड़ने के लिए सभी देशों की एजेंसियां आपस में तुरंत जानकारी (खुफिया इनपुट) साझा करें। देशों को आपसी मतभेदों को भुलाकर ड्रग्स और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ एक साथ आना होगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की तारीफ करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि पिछले दो साल में भारत ने दूसरे मित्र देशों की मदद से 40 से ज्यादा बड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को भारत वापस लाने (प्रत्यर्पण करने) में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कार्यक्रम में आए विदेशी मेहमानों से भी भारत के इस अभियान में साथ देने की अपील की।
इस कार्यक्रम में \’रॉ\’ के संस्थापक आर. एन. काओ के परिवार के लोग, एजेंसी के पूर्व अधिकारी, भारतीय सुरक्षा से जुड़े बड़े अफसर और करीब 40 से ज्यादा देशों के राजदूत और कूटनीतिज्ञ शामिल हुए। बता दें कि \’रॉ\’ अपने संस्थापक की याद में साल 2007 से हर साल इस कार्यक्रम का आयोजन करता आ रहा है।