वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा। संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा 10 दिन के अंतराल के बाद बुधवार को फिर शुरू हो गई। आश्रम से बाहर निकलते ही हजारों भक्त भावुक हो गए और ‘श्री राधे-राधे’ के जयकारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
महाराज ने केली कुंज आश्रम से निकलकर NRI ग्रीन बिल्डिंग के सामने पहुंचकर अपने शिष्यों के साथ पदयात्रा शुरू की। महाराज जी अपने भक्तों के साथ लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चले और फिर आश्रम लौट आए। यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु लगातार ‘राधे-राधे’ के उद्घोष कर रहे थे।
दो हफ्ते पहले 17 मई को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा, एकांतिक वार्ता और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए थे। प्रेमानंद महाराज की यात्रा स्थगित होने से भक्तों में उनके स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता हो गई थी। आश्रम पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही थी।
आश्रम प्रशासन ने दो दिन पहले गर्मी के मौसम को देखते हुए भक्तों से अपील भी की थी कि वे इस समय आश्रम न आएं।प्रेमानंद जी महाराज पिछले 40 वर्षों से वृंदावन में निवास कर रहे हैं। पिछले 5 वर्षों से वे रात्रि में अपने निवास श्री कृष्णा शरणम से राधा कुंज तक करीब दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा करते आ रहे हैं।
इस दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालु उनका स्वागत करते हैं। यात्रा फिर से शुरू होने से भक्तों के चेहरे खिल उठे हैं। भक्त अब नियमित दर्शन और सत्संग की उम्मीद कर रहे हैं।