पद्मिनी एकादशी कब है?

हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है और इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखते हैं। यह अधिकमास की पहली एकादशी है।

पद्मिनी एकादशी कब है?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 मई को सुबह में 5 बजकर 10 मिनट पर शुरु होगी। इस तिथि का समापन 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर होगा। उदयतिथि के आधार पर पद्मिनी एकादशी का व्रच 27 मई बुधवार को रखा जाएगा।

पद्मिनी एकादशी क्यों है खास

कहा जाता है कि इस एकादशी के दिन व्रत करने से विशेष रुप से संतान, पुण्य लाभ और वैकुंठ की प्राप्ति होती है।इससे घर-परिवार में सुख-शांति का भी वास होता है। साथ ही,भगवान विष्णु की भी कृपा बनी रहती है।

बन रहे हैं 2 शुभ योग

पद्मिनी एकादशी के अवसर पर 2 शुभ योग बन रहे हैं। उस दिन रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे। सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग सुबह में 05 बजकर 25 मिनट से बनेंगे और सुबह 05 बजकर 25 मिनट तक रहेंगे।

पद्मिनी एकादशी का महत्व

पद्मिनी एकादशी का व्रत हमेशा अधिक मास में होता है। इस व्रत को करने से पाप मिटते हैं और पुण्य मिलता है। कहा जाता है कि अगर इस व्रत को पति-पत्नी को साथ में रखना चाहिए। जो व्रत रखकर पूजा-पाठ करता है, उसके गोदान का फल मिलता है।

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