मोतियाबिंद का खतरा क्या धूप में बढ़ता है?

गर्मियों में तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कहर बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को पता रहता है कि गर्मियों में बाहर जाने से स्किन नुकसान होता है, लेकिन इससे गंभीर नुकसान आंखों को हो सकता है। गर्मी में आंखों से जुड़ी कई समस्या भी बढ़ जाती है। लोग मानते हैं कि ज्यादा धूप में रहने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है।

मोतियाबिंद आंखों की एक आम समस्या है, जिसमें आंख के लेंस में धुंधलापन आने लगता है। इसकी वजह से चीजें साफ दिखाई नहीं देती है और धीरे-धीरे नजर कमजोर होने लगती है। मोतियाबिंद एक एज रिलेटेड समस्या है और अधिकतर बुजुर्गों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना पड़ता है। लेकिन आंख में चोट, ज्यादा धूप में रहना और डायबिटीज के कारण कम उम्र में भी इसका रिस्क बढ़ जाता है। लंबे समय तक आंखे अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में रहेगी, तो मोतियाबिंद समेत कई समस्या होने लगती है। इसलिए कहा जाता है कि गर्मी के दिनों में आंखों का बचाव जरूरी है।

कहा जाता है कि ज्यादा धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों से मोतियाबिंद की स्पीड थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इसे सबसे बड़ी वजह मानना सही नहीं होगा। यूवी किरणों से कई तरह के आंखों के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को अल्ट्रावॉयलेट किरणों को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए, बल्कि इससे बचाव करने की पूरी कोशिश करना चाहिए।

माना जाता है कि गर्मी में अल्ट्रावॉयलेट किरणों से आंखों को बचाने के लिए सनग्लासेस का प्रयोग करें। अगर यूवी प्रोटेक्शन वाला चशमा न हो तो, नॉर्मल सनग्लासेस भी पहन सकते हैं। ऐसा करने से कुछ हद तक आंखों का बचाव कर सकते हैं। गर्मी में बाहर धूप में निकलने से बचें और दोपहर के समय घर में अंदर रहने की कोशिश करें। आंखों में ड्राइनेस होने पर लुब्रिकेंट ड्रॉप का इस्तेमाल करें।गर्मी में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं,क्योंकि इससे आंखों में नमी बरकरार रहेगी। अगर गर्मी में आँखों से संबंधित कोई परेशानी होती है तो डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, आंखो को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न करें।

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