पागलपन की इंतेहा ! MBBS एडमिशन के लिए खुद को बनाया अपंग

जौनपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नीट की तैयारी कर रहे युवक सूरज भास्कर ने 2026 में एमबीबीएस में दाखिला पाने के लिए दिव्यांग कोटे का फायदा उठाने की ठान ली। लेकिन इसके लिए उसने इतना खौफनाक कदम उठाया कि सुनकर हर कोई हैरान रह गया। उसने खुद अपने बाएं पैर का पंजा ग्राइंडर से काट डाला!
जानकारी के मुताबिक सूरज भास्कर (24 वर्ष) लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव का रहने वाला है। उसने डी.फार्मा किया है और नीट की तैयारी कर रहा था। वह किसी भी हाल में 2026 में एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहता था। अक्टूबर 2025 में उसने बीएचयू में दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने इंटरनेट पर पैर काटने का तरीका सर्च किया, एनेस्थीसिया का इंजेक्शन खुद लगाया और ग्राइंडर से अपना पैर का पंजा काट दिया। इसके बाद कटा हुआ पंजा और ग्राइंडर पास के कुएं में फेंक दिया। फिर उसने अज्ञात हमलावरों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया, दावा किया कि रात में मारपीट हुई और सुबह उठा तो पैर कटा मिला।
पुलिस ने जांच शुरू की तो सूरज की प्रेमिका से पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ। उसने बताया कि सूरज ने यह सब दिव्यांग कोटे से MBBS में एडमिशन के लिए किया था। पुलिस ने कॉल डिटेल्स, डायरी और अन्य सबूतों से पुष्टि की कि यह आत्म-घायल करने का मामला है।अब पुलिस इस मामले में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाने की तैयारी कर रही है और सूरज के खिलाफ धोखाधड़ी व गुमराह करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करने वाली है। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने पुष्टि की कि सूरज ने खुद ही यह हरकत की। यह घटना न केवल MBBS दाखिले की होड़ की विकृति को दिखाती है, बल्कि आरक्षण के दुरुपयोग की भी एक बेहद गंभीर मिसाल है।
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