प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन: पल्मोनरी एम्बोलिज्म ने ली जान

उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार कुनबे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 13 मई सुबह लखनऊ में निधन हो गया। महज 38 वर्ष की आयु में उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।

बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) से जूझ रहे थे। बुधवार तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलने से लेकर अंतिम प्रक्रिया तक क्या-क्या हुआ, यहाँ विस्तार से समझें:

  1. सुबह 5:00 बजे: परिवार के सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव को अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ और बेचैनी महसूस हुई। घर में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत मेडिकल सहायता के लिए संपर्क किया गया।

  2. डायरेक्टर को फोन: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल अस्पताल के डायरेक्टर को सीधे फोन किया गया, जिसके बाद डॉक्टरों की एक टीम अलर्ट मोड पर आ गई।

  3. घर पहुंचे डॉक्टर: अस्पताल ले जाने से पहले डॉक्टर उनके आवास पर पहुंचे। शुरुआती जांच में ही उनकी हालत बेहद चिंताजनक पाई गई और उन्हें तुरंत अस्पताल शिफ्ट करने की सलाह दी गई।

  4. सुबह 5:55 बजे: प्रतीक यादव को आनन-फानन में लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया।

  5. ब्रॉट डेड घोषित: अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। आधिकारिक तौर पर उन्हें \’ब्रॉट डेड\’ बताया गया, यानी अस्पताल पहुंचने से पहले ही वे दम तोड़ चुके थे।

  6. पुलिस की कार्यवाही: मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पंचनामे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम का निर्णय लिया गया।

  7. सुबह 7:15 बजे: अस्पताल की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को सिविल अस्पताल से बाहर निकाला गया।

  8. KGMU रवानगी: करीब 7:30 बजे शव को KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) की मोर्चरी ले जाया गया, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

  9. पोस्टमार्टम प्रक्रिया: सुबह 8:30 बजे डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम शुरू किया। करीब सवा घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद 9:45 बजे पोस्टमार्टम संपन्न हुआ।

  10. अपर्णा यादव पहुंचीं: प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव सीधे घर पहुंचीं। इस दुखद घड़ी में परिवार के अन्य सदस्य और समर्थक भी वहां जुटने लगे।

  11. विशेषज्ञों की टीम: पोस्टमार्टम के लिए KGMU के विशेषज्ञों के साथ सीएमओ कार्यालय के 4 डॉक्टरों की टीम शामिल थी। मौत की बारीकी से जांच के लिए विसरा (Visceral) सुरक्षित रख लिया गया है।

  12. दोपहर 1:30 – 2:00 बजे: पोस्टमार्टम हाउस से प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके निजी आवास, विक्रमादित्य मार्ग ले जाया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बीते 30 अप्रैल को भी उनकी तबीयत काफी ज्यादा खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी जटिल बीमारी से रिकवर करने की कोशिश कर रहे थे।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक जानलेवा स्थिति है। इसमें शरीर के किसी हिस्से (अक्सर पैरों) में खून का थक्का (Blood Clot) जमकर फेफड़ों की धमनियों तक पहुंच जाता है और वहां रक्त के प्रवाह को बाधित कर देता है। इससे ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है और हृदय पर भारी दबाव पड़ता है, जो अचानक मृत्यु का कारण बन सकता है।

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