Jagannath Yatra Stampede : पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़, 3 श्रद्धालुओं की मौत, 30 से अधिक घायल

Jagannath Yatra Stampede News: ओडिशा के पुरी में रविवार (29 जून 2025) को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में कम से कम तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच तब हुई, जब भगवान जगन्नाथ का रथ ‘नंदीघोष’ गुंडिचा मंदिर के पास पहुंचा।

भारी भीड़ के चलते मची भगदड़

जानकारी के अनुसार, हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन और रथ खींचने के लिए एकत्रित थे। भारी भीड़ और रथ को छूने की होड़ के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। सराधाबली क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई लोग जमीन पर गिर पड़े और कुचले गए। हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जिनकी पहचान बसंती साहू (बोलागढ़), प्रेमकांत मोहंती और प्रवाती दास (दोनों बालिपटना) के रूप में हुई है।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल एक श्रद्धालु को बेहतर इलाज के लिए कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। कम से कम 12 मरीजों को आईसीयू में रखा गया है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने जताया दुख

पुरी के जिला कलेक्टर सिद्धार्थ एस स्वैन ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने भीड़ को काबू करने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

पुलिस और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियां

रथ यात्रा में इस बार अपेक्षा से कहीं अधिक भीड़ उमड़ी, जिसके कारण भीड़ प्रबंधन में पुलिस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी, उमस और लंबे समय तक खड़े रहने के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिसने स्थिति को और जटिल बना दिया। पुलिस ने लगभग दो घंटे तक रास्ता खाली कराने की कोशिश की थी, लेकिन भारी भीड़ के कारण भगदड़ को रोका नहीं जा सका।

पहले भी हो चुके हैं कई हादसे 

यह पहली बार नहीं है जब पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़ की स्थिति बनी हो। पिछले वर्ष 2024 में भी रथ यात्रा के दौरान एक समान हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हुई थी, और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, जिसमें 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी और 275 से अधिक एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए थे। इसके बावजूद, भीड़ की भारी संख्या ने व्यवस्था को चुनौती दी।

रथ यात्रा का महत्व

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथों पर विराजमान कर श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.5 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है। लाखों श्रद्धालु इस शुभ अवसर पर रथ खींचने और दर्शन करने के लिए देश-विदेश से पुरी पहुंचते हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त सुरक्षा उपायों पर विचार किया जा रहा है।

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