उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, बदला स्कूलों का समय

उत्तर प्रदेश में आसमान से बरसती आग और प्रचंड हीटवेव को देखते हुए योगी सरकार ने स्कूली बच्चों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और गर्म हवाओं के चलते बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। अब परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई केवल 5 घंटे ही होगी।

आज यानी मंगलवार से पूरे प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में नया टाइम-टेबल प्रभावी हो गया है। कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने इस संबंध में अलग से आदेश भी जारी कर दिए हैं।

नया शेड्यूल एक नजर में:

  • स्कूल खुलने का समय: सुबह 07:30 बजे

  • प्रार्थना सभा/योगाभ्यास: सुबह 07:30 से 07:40 बजे तक

  • शिक्षण कार्य (पढ़ाई): सुबह 07:40 से दोपहर 12:30 बजे तक

  • मध्यावकाश (Intermission): सुबह 10:00 से 10:15 बजे तक

  • शिक्षकों की छुट्टी: दोपहर 01:30 बजे

मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक लू (Heatwave) से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिन के साथ-साथ रातें भी झुलसाने वाली हो रही हैं। ऐसे में दोपहर 2 बजे तक स्कूल संचालित होने से बच्चों के बीमार पड़ने और स्कूलों में उनकी उपस्थिति घटने की खबरें आ रही थीं। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती और दूर-दराज से पैदल आने वाले बच्चों के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो रहा था।

बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल के आदेश के बावजूद शिक्षक संगठनों का मानना है कि समय को और कम किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने आरटीई (RTE) 2009 का हवाला देते हुए प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह और महामंत्री प्रदीप तिवारी के अनुसार, गर्मी में बच्चों की मानसिक ऊर्जा सीमित होती है, इसलिए स्कूल का समय अधिकतम 4.5 घंटे (सुबह 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक) होना चाहिए।

संगठन का तर्क है कि कक्षा 1 से 5 तक के लिए साल भर में 800 घंटे और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 1000 घंटे की पढ़ाई अनिवार्य है, जिसे कम समय में भी पूरा किया जा सकता है। निदेशक ने स्पष्ट किया है कि निजी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए उनकी प्रबंध समिति निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी। हालांकि, भीषण गर्मी को देखते हुए अधिकांश निजी स्कूलों के भी समय बदलने की उम्मीद है।

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