पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। राज्य पुलिस की सिफारिश के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच CBI को सौंप दी गई है। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की एक 7 सदस्यीय विशेष टीम इस मामले की तहकीकात करेगी। इस टीम का नेतृत्व डीआईजी (DIG) रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। मंगलवार को सीबीआई आधिकारिक तौर पर कोलकाता पुलिस से केस की कमान अपने हाथ में ले लेगी।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को राज्य सरकार की सिफारिश मिल चुकी है और जल्द ही केस दर्ज करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सीबीआई एफआईआर (FIR) को री-रजिस्टर करेगी और पुलिस से केस डायरी व अन्य संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लेगी।
6 मई 2026 की देर रात मुख्यमंत्री के बेहद करीबी चंद्रनाथ रथ की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। वारदात के बाद उन्हें तुरंत विवासिटी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
DGP ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल का दौरा किया था। उन्होंने पुष्टि की थी कि हमलावरों ने जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया था, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। घटनास्थल से पुलिस को कारतूसों के खोखे और कुछ जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे।
शुरुआती जांच में चश्मदीदों ने बताया था कि एक चार पहिया वाहन चंद्रनाथ रथ की कार का पीछा कर रहा था। लेकिन विस्तृत जांच में एक गहरी साजिश का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि एक मोटरसाइकिल काफी देर से उनकी गाड़ी का पीछा कर रही थी।
जैसे ही उनकी कार मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर पहुंची, एक चार पहिया वाहन ने अचानक रास्ता रोका और मोटरसाइकिल सवार शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस सटीक तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया गया, उससे स्पष्ट है कि इसमें पेशेवर शार्पशूटर शामिल थे और यह पूरी तरह से एक \’कॉन्ट्रैक्ट किलिंग\’ का मामला लग रहा है।
मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए बड़ी सफलता मिली है। हमलावरों के पश्चिम बंगाल से बाहर होने के संकेत मिलते ही पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार भेजी गई थीं।
अब तक यूपी से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में बिहार के बक्सर जिले का निवासी विशाल श्रीवास्तव शामिल है, जबकि अन्य दो आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस इन तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल ला रही है। अधिकारियों को संदेह है कि इनमें से एक मुख्य शार्पशूटर है।
सीबीआई की टीम कोलकाता पहुंचते ही सबसे पहले गिरफ्तार आरोपियों की कस्टडी लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस हत्या के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है और मुख्यमंत्री के निजी सहायक को निशाना बनाने के पीछे क्या राजनीतिक या व्यक्तिगत मंशा थी।