मदरसों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गायन को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर विभिन्न मुस्लिम संगठनों के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में भी क्लास शुरू होने से पहले \’वंदे मातरम्\’ गाना अनिवार्य कर दिया है।सरकार के इस आदेश के मुताबिक अब हर मदरसे में प्रार्थना सभा (असेंबली) के दौरान राष्ट्रगीत गाना जरूरी होगा।

पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने इसको लेकर आदेश जारी किया है।आधिकारिक आदेश में साफ कहा गया है कि पुराने सभी नियमों और प्रथाओं को रद्द करते हुए यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।इसके दायरे में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसे, स्वीकृत मदरसा शिक्षा केंद्र, शिशु शिक्षा केंद्र और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसे शामिल होंगे।

इससे पहले 13 मई की शाम को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने भी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी.राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा विभाग की अधिसूचना शेयर की थी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है।

 

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