रेखा भारद्वाज की आवाज में वायरल हो रहा \’कचौड़ी गली\’ सिर्फ एक लोकगीत नहीं, बल्कि बनारस की गलियों में दबी उस दर्द भरी कहानी की वापसी है, जिसे इतिहास ने धीरे-धीरे भुला दिया था। आज के दौर में ज्यादातर गाने कुछ हफ्तों के ट्रेंड बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। लेकिन कभी-कभी कोई धुन सिर्फ कानों तक नहीं, इतिहास के उन कोनों तक पहुंच जाती है जिन्हें दुनिया लगभग भूल चुकी होती है।
Coke Studio Bharat का नया गाना ‘कचौड़ी गली’ भी कुछ ऐसा ही है। पहली बार सुनने पर ये बनारस की गलियों में घूमती एक खूबसूरत लोकधुन लगता है, लेकिन जैसे-जैसे इसके शब्द दिल में उतरते हैं, वैसे-वैसे इसके पीछे छिपी एक दर्दनाक कहानी सामने आने लगती है।
गाने की कहानी बनारस की मशहूर ‘कचौड़ी गली’ में खड़ी एक ऐसी महिला की है, जो अपने पति को ब्रिटिश सेना के साथ जाते हुए देख रही है. उसका पति कोई सैनिक नहीं था, न ही वो किसी युद्ध का हिस्सा बनना चाहता था। लेकिन अंग्रेजों के दौर में हजारों भारतीय पुरुषों की तरह उसे भी जबरदस्ती उस लड़ाई में धकेल दिया गया, जो उसकी अपनी नहीं थी।
गाने में बनारस की पुरानी गलियों, लोकभाषा और भोजपुरी मिट्टी की खुशबू साफ महसूस होती है। यही वजह है कि ये गाना सिर्फ सुनाई नहीं देता, बल्कि एक एहसास बन जाता है। इसकी धुन में उदासी है, इंतजार है और वो खामोशी भी है, जो उन परिवारों के हिस्से आई थी जिनके अपने लोग कभी लौटकर नहीं आए।