नवविवाहित ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। इस केस की जांच जैसे ही औपचारिक रूप से CBI के हाथों में आएगी, उनका सबसे पहला और मुख्य फोकस उस ट्रिगर पॉइंट का पता लगाना होगा, जिसके बाद ट्विशा की जिंदगी में अचानक सब कुछ बदल गया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारी ट्विशा की मौत से ठीक पहले के आखिरी कुछ दिनों के घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट यानी रीकंस्ट्रक्ट करने की तैयारी में हैं।जांच का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि क्या ट्विशा की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ी या फिर अचानक कोई ऐसी बात हुई जिसके बाद वे भारी तनाव में आ गईं।
इस पूरे मामले में ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सबसे अहम कड़ी बनकर उभरी है। रिपोर्ट में मौत से एक हफ्ते पहले की एक खास मेडिकल हिस्ट्री का जिक्र है। सीबीआई अब अस्पताल के रिकॉर्ड, काउंसलिंग से जुड़े दस्तावेजों, वॉट्सऐप चैट और गवाहों के बयानों के जरिए इस बात की गहराई से तफ्तीश करेगी कि क्या इस मेडिकल घटनाक्रम का ट्विशा की मानसिक और भावुक स्थिति पर सीधा असर पड़ा था।
इसके अलावा, ट्विशा के शरीर पर पाई गईं चोटें भी जांच के दायरे में हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई जगह कुंद हथियार या किसी ठोस चीज से लगी चोटों का उल्लेख है, जो बाहरी तौर पर सामान्य प्रकृति की दिखती हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां अब इस बात की सटीक जानकारी जुटा रही हैं कि ये चोटें मौत के ठीक पहले की हैं या फिर कुछ दिन पुरानी हैं।
द्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह, सास और रिटायर्ड न्यायाधीश गिरीबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और हत्या सहित अलग-अलग धारों में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा धारा 80 (2), 85 और 3(5) और दहेज प्रताड़ना की धाराएं जोड़ी हैं।
आपका बता दें कि दिशा का शव 12 मई का भापाल के कटारा हिल्स इलाक में उनक ससुराल म फंदे से लटका मिला था। उनके परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं द्विशा के ससुराल वालों ने दावा किया कि वह ड्रग एडिक्ट थीं। हालांकि द्विशा के परिवार ने आरोपी पति समर्थ को ड्रग एडिक्ट बताया है।