Delhi Election : केजरीवाल का जाट आरक्षण वाला दांव, दिल्ली चुनाव में कितना असरदार ? 

Delhi Vidhansabha Election 2025 : दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। एक दूसरे पर बयानबाजी का दौर भी तेज से चल रहा है। दिल्ली में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच तगड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों पार्टियां दिल्ली की सत्ता में काबिज होने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं। पोस्टर से लेकर बयानों तक हर माध्यम से दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर वार करने का  कोई मौक़ा नहीं छोड़ी रही हैं। इसी बीच आप संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आरक्षण कार्ड खेल दिया है। उनके इस दांव से विपक्ष में हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली चुनाव में जाटों की एंट्री 

अरविंद केजरीवाल ने जाट समुदाय को साधते हुए पीएम मोदी (PM Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दिल्ली के जाटों से चार बार ओबीसी लिस्ट में जोड़ने का वादा किया। लेकिन ये वादा अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर भी लिखा है और दिल्ली के जाटों के साथ 5 अन्य जातियों को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग की है।

“जाट समुदाय के साथ हो रहा अन्याय” – केजरीवाल 

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पीएम मोदी को लिखे लेटर में लिखा कि “उन्होंने और गृहमंत्री ने कई बार दिल्ली के जाटों से वादा किया कि जाट समुदाव को ओबीसी लिस्ट में शामिल किया जाएगा। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। केंद्र की नीतियों में कई विसंगतियां हैं जिनकी तरफ हम आपका ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University)  में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसा इसीलिए हो रहा है क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्र लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।

केंद्र सरकार पर भड़के केजरीवाल 

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, “दिल्ली सरकार की OBC लिस्ट में जाट समाज का नाम आता है लेकिन केंद्र सरकार की लिस्ट में दिल्ली का जाट समाज नहीं आता है। ये हमारे दिल्ली के जाट भाई-बहनों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। पिछले 10 सालों में 4 बार इन्होंने दिल्ली के जाट समाज को आरक्षण देने का केवल वादा किया है। दिल्ली में दिल्ली के जाटों को आरक्षण नहीं मिलता मगर बाहर वालों को मिलता है। ”

 

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