Author name: Vikash Rajput

विकास राजपूत पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राजनीति, सामाजिक मुद्दों, राष्ट्रीय घटनाओं एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर विशेष रूप से लेखन और विश्लेषण करते हैं। Jantantra TV में बतौर संपादक एवं लेखक, वे निष्पक्ष, सटीक और विश्वसनीय समाचार पाठकों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और तथ्यों पर आधारित मानी जाती है। विकास राजपूत का उद्देश्य दर्शकों तक तेज, सही और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है, ताकि लोग देश और समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण विषय से अपडेट रह सकें।

कैसे ‘छोटे भाई’ से ‘किंगमेकर’ और फिर ‘किंग’ बन गई भाजपा?

भारतीय राजनीति के बिसात पर पिछले एक दशक में अगर कुछ सबसे तेजी से बदला है, तो वह है भाजपा का अपने सहयोगियों के साथ समीकरण। कभी क्षेत्रीय क्षेत्रिय पार्टियों के पीछे चलने वाली भारतीय जनता पार्टी अब ‘ड्राइविंग सीट’ पर है। राज्यसभा चुनाव के लिए विनोद तावड़े, रामदास आठवले, रामराव वडकुते और माया इवनाते […]

मिशन दिल्ली: क्या नीतीश बनेंगे देश के नए ‘चाणक्य’?

बिहार के अजेय मुख्यमंत्री, ‘साहब’ अचानक राज्यसभा जाने का फैसला करते हैं, जिससे एक भीषण सत्ता संघर्ष शुरू हो जाता है। एक तरफ बीजेपी अपना मुख्यमंत्री चाहती है, दूसरी तरफ ‘साहब’ अपने निशांत बेटे को राजनीति में उतारकर अपनी विरासत बचाना चाहते हैं, और तीसरी तरफ विपक्ष इस टूट का फायदा उठाने के लिए तैयार

महापरिवर्तन: क्या नीतीश का ‘राज्याभिषेक’ दिल्ली में होगा?

बिहार की सियासत में इन दिनों वह खामोशी है, जो किसी बड़े तूफान के आने से पहले महसूस होती है। करीब ढाई दशकों तक बिहार की सत्ता के धुरी बने रहे नीतीश कुमार अब ‘किंग’ की भूमिका छोड़कर ‘किंगमेकर’ या मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आ सकते हैं।पटना के गलियारों से छनकर आ रही खबरों

होली पर ‘गले’ मिलेगी बोतल: दिल्ली में ‘ड्राई डे’ का खेल खत्म

होली पर रंगों की खुमारी के साथ-साथ अब दिल्लीवालों के लिए ‘रूहानी’ खुशी का इंतजाम भी हो गया है। अगर आप इस चिंता में थे कि त्योहार के दिन ठेके बंद रहेंगे और स्टॉक पहले से जमा करना पड़ेगा, तो अब चैन की सांस लीजिए। दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीनों को बड़ा तोहफा देते

बिहार राज्यसभा चुनाव: क्या है जीत का जादुई नंबर?

बिहार में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। एनडीए ने अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग साफ कर दिए हैं। भाजपा से नितिन नवीन, शिवेश राम, जेडीयू से रामनाथ ठाकुर और आरएलएम से उपेंद्र कुशवाहा रेस में हैं। लेकिन सवाल यह है कि विधानसभा के आंकड़ों के हिसाब से

दुबई में मिसाइल अटैक या पूर्वांचली ‘कमेंट्री’ का जलवा?

सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। लेकिन जब बात पूर्वांचली जांबाजों की हो, तो मंजर चाहे मौत का ही क्यों न हो, इनका ‘अंदाज’ कम नहीं होता। इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो खलबली मचा रहा है, जिसमें मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच दुबई के आसमान से

दूरी या दरार: राघव चड्ढा और ‘आप’ का बदलता समीकरण

यह एक ऐसी राजनीतिक पटकथा है जिसने पिछले कुछ समय से दिल्ली से लेकर पंजाब तक के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है। राजनीति में ‘धुआं’ वहीं उठता है जहाँ कहीं न कहीं ‘आग’ लगी होती है। पेश है राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच की इस कथित अनबन पर एक विशेष

1979 का वो ‘रेगिस्तानी जख्म’ आज भी ट्रंप को सोने नहीं देता

मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध फैली है, आसमान मिसाइलों से पटा है और ईरान के शहर धमाकों से गूंज रहे हैं। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों ने ईरान की कमर तोड़ दी है। सुप्रीम लीडर खामेनेई के खात्मे के बाद अब चर्चा है ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की। लेकिन, जब बात ईरान के

सस्पेंस, जासूसी और मौत का खेल: कैसे काम करती है ‘मोसाद’

इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का नाम सुनते ही दिमाग में हाई-टेक गैजेट्स, खतरनाक मिशन और ‘टारगेटेड किलिंग्स’ की तस्वीरें घूमने लगती हैं। इसे दुनिया की सबसे घातक और प्रभावी खुफिया एजेंसियों में से एक माना जाता है। लेकिन आखिर मोसाद काम कैसे करती है और इसका इतिहास क्या है? आइए जानते हैं। कल्पना कीजिए,

क्या वेस्टइंडीज के लिए काल बनेगा कोलकाता का किला?

टी20 विश्व कप का रोमांच अपने चरम पर है और अब निगाहें टिकी हैं ‘सिटी ऑफ जॉय’ कोलकाता पर। रविवार को ईडन गार्डेंस के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक ऐसा ‘करो या मरो’ का मुकाबला होने जा रहा है, जो सेमीफाइनल की तस्वीर साफ कर देगा। एक तरफ अजेय रहने के

Scroll to Top