अजब गज़ब

साहब! ज़रा कुर्सी छोड़िए, अब ‘मटरू’ करेगा मीटिंग

अगर आप सोचते हैं कि सरकारी मीटिंग्स सिर्फ फाइल, चाय और गंभीर चर्चाओं तक सीमित होती हैं, तो ज़रा बागपत विकास भवन का यह नज़ारा देख लीजिए! यहाँ गुरुवार को फाइलों की गड़गड़ाहट के बीच अचानक कुछ ऐसा हुआ कि बड़े-बड़े अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। हुआ कुछ यूं कि विकास भवन में डीएम […]

रोलर कोस्टर राइड ने शख्स को पहुँचाया मौत के करीब

मनोरंजन के लिए रोलर कोस्टर की सवारी करना आजकल युवाओं और एडवेंचर के शौकीनों की पहली पसंद बन चुकी है। हवा से बातें करती रफ्तार और दिल धड़का देने वाले उतार-चढ़ाव भले ही रोमांचक लगते हों, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह ‘मजा’ आपकी जिंदगी की आखिरी गलती साबित हो सकता है? सोशल

जंग के बीच भारत पर साइबर प्रहार; हर मिनट हो रहे 2 बड़े हमले

रूस-यूक्रेन और इजरायल-ईरान के बीच छिड़ी जमीनी जंग अब डिजिटल दुनिया में ‘साइबर वॉर’ का रूप ले चुकी है। इस वैश्विक तनाव के बीच भारत के महत्वपूर्ण डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमलों की बाढ़ आ गई है। IIT कानपुर के C3i हब की ताजा रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि भारत पर

अंतिम संस्कार कर पत्नी ने उतार दी थी चूड़ियां, वह अचानक सामने खड़ा हो गया

मध्य प्रदेश के बैतुल जिले से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता के होश उड़ा दिए हैं। इसे कुदरत का करिश्मा कहें या पहचान की एक बड़ी चूक, लेकिन सच यही है कि 45 वर्षीय ओजुलाल जगरू उइके ‘मौत’ के 10 दिन बाद जिंदा वापस लौट आए हैं।

Canada कैसे बना ‘मिनी पंजाब’? जानिए उस पहले हिंदुस्तानी की कहानी

आज कनाडा की गलियों में घूमें तो ऐसा लगता है जैसे पंजाब के किसी शहर में आ गए हों। राजनीति हो, बिजनेस हो या खेती—कनाडा के हर कोने पर भारतीयों, खासकर पंजाबियों का दबदबा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ‘सात समंदर पार’ के इस बर्फीले देश में सबसे पहले कदम रखने वाला

तानाशाह की सनक: लाखों का कातिल, जिसे पसंद था कोबरा का खून और सूप

इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं जिन्हें याद कर रूह कांप जाती है। कंबोडिया का क्रूर तानाशाह पोल पॉट उन्हीं में से एक था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस शख्स ने अपने देश की एक-चौथाई आबादी को मौत के घाट उतार दिया, उसकी थाली में क्या परोसा जाता था? पोल

तलवार से टैबलेट तक: जानें जनगणना का 5000 साल पुराना रोचक सफर

क्या आप जानते हैं कि सरकारों को हमें गिनने की ज़रूरत क्यों पड़ती है? यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि देश को बेहतर तरीके से चलाने का एक ज़रिया है। 1 अप्रैल 2026 से भारत में डिजिटल जनगणना की शुरुआत हो गई है, जहाँ अब कागज़-पेंसिल की जगह मोबाइल ऐप और टैबलेट्स ने

अनोखी शर्त! जब तक नहीं बिकेगा गधा, तब तक कुंवारा रहेगा दूल्हा

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का ऐतिहासिक कड़ा धाम इन दिनों केवल भक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि एक बेहद अनोखी परंपरा के लिए चर्चा में है। यहाँ चैत्र मास की अष्टमी और नवमी पर लगने वाला गधों का मेला सिर्फ जानवरों की खरीद-फरोख्त का अड्डा नहीं, बल्कि ‘रिश्तों की मंडी’ भी है। सदियों से

भारत की पहली मस्जिद: एक हिंदू राजा ने रखी थी इस्लाम की नींव

भारत में जब भी पुरानी मस्जिदों का जिक्र आता है, तो अक्सर जेहन में मुगलों या विदेशी आक्रमणकारियों की तस्वीरें उभरती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे पहली मस्जिद किसी युद्ध का नतीजा नहीं, बल्कि एक हिंदू राजा के विश्वास और सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल है? केरल के कोडुंगल्लूर में

जब भारत में पहली बार बजी ‘टेलीफोन’ की घंटी

यह कहानी है भारत में संचार क्रांति के उस दौर की, जब बिजली की तरह तार से दौड़ती आवाज किसी जादू से कम नहीं थी। आइए जानते हैं उस भारतीय शख्सियत के बारे में, जिसने अंग्रेजों के दौर में अपनी धाक जमाई और देश का पहला ‘प्राइवेट’ टेलीफोन कनेक्शन हासिल किया। साल 1876 में अलेक्जेंडर

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