Iran Israel Ceasefire: 12 दिन की तबाही के बाद रुकी जंग…ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर पर बनी सहमति, डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान

Donald Trump Announces Iran Israel Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए सीजफायर की घोषणा कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, इस पहल पर दोनों देश सकारात्मक रुख अपना सकते हैं। यह ऐलान अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर कथित हमले के ठीक एक दिन बाद सामने आया है। 12 दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान-इजरायल युद्ध पर सीज़फायर समझौते की दिशा में पहल की है।

डोनाल्ड ट्रंप ने किया सीजफायर का ऐलान 

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल युद्ध पर सीज़फायर समझौते की दिशा में पहल की है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा,  “इज़राइल और ईरान, लगभग एक साथ, मेरे पास आए और कहा, “शांति!” मैं जानता था कि अब समय आ गया है। विश्व और मध्य पूर्व ही असली विजेता हैं! दोनों राष्ट्र अपने भविष्य में जबरदस्त प्यार, शांति और समृद्धि देखेंगे। उनके पास हासिल करने के लिए बहुत कुछ है, और फिर भी, अगर वे धार्मिकता और सच्चाई के रास्ते से भटक जाते हैं, तो खोने के लिए भी बहुत कुछ है। इज़राइल और ईरान का भविष्य असीमित है, और महान वादों से भरा है। भगवान आप दोनों को आशीर्वाद दें!”

 

ईरान के विदेश मंत्री ने की सीजफायर की पुष्टि 

ईरान के विदेश मंत्री ने सीजफायर की पुष्टि की, अब्बास अराघची ने कहा, “मैं सभी ईरानियों के साथ मिलकर अपने बहादुर सशस्त्र बलों को धन्यवाद देता हूं जो अपने खून की आखिरी बूंद तक हमारे प्यारे देश की रक्षा के लिए तैयार रहे और जिन्होंने दुश्मन के किसी भी हमले का आखिरी मिनट तक जवाब दिया।”

ईरान इजरायल की जबरदस्त जंग 

ईरान और इज़रायल के बीच युद्ध 13 जून 2025 को शुरू हुआ और 23 जून 2025 तक 11वें दिन तक जारी रहा। यह संघर्ष इज़रायल के ऑपरेशन राइज़िंग लॉयन के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमलों से शुरू हुआ, जिसके जवाब में ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 के तहत मिसाइलें और ड्रोन हमले किए। जिसके बाद इज़रायल ने ईरान के फोर्डो, नतांज़, और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमले किए, जिसमें अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया। ईरान ने जवाब में तेल अवीव और अशदोद पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें सोरोका मेडिकल सेंटर जैसे लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए, जिसे ईरान ने युद्ध की घोषणा माना।
दोनों देशों को हुई खूब हानी 
ईरान में 430-657 लोगों की मौत और 2,000-3,500 घायल। इज़रायल में 24 मौतें और 900 से अधिक घायल। इज़रायल के हमलों में ईरान के सैन्य और परमाणु वैज्ञानिकों को नुकसान पहुंचा, जबकि ईरान ने इज़रायल के अस्पतालों और स्टॉक एक्सचेंज को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की, जो 22 जून 2025 को प्रभावी हुआ, लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया। 22 जून 2025 को ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री और सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। युद्ध के लंबे समय तक चलने की आशंका है, और इज़रायल ने लंबे अभियान की तैयारी शुरू कर दी है।
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