P Chidambaram Congress: थरूर के रास्ते पर चिदंबरम…दूसरी बार कांग्रेस की सरेआम की बेइज्जती

P Chidambaram Congress News : कांग्रेस के ओल्ड गॉर्डस की लिस्ट में शामिल चिंदबरम का नाम बड़े आदर और सम्मान से लिया जाता है। इसके पीछे भी कई कारण है, चिंदबरम काफी समय से कांग्रेस के साथ जुड़े हुए हैं। हर मुश्किल वक्त में वह डटकर पार्टी के साथ खड़े नजर आए। राजीव गांधी के जमाने से ही चिदंबरम कांग्रेस का झंडा मजबूती से पकड़े हुए हैं। लेकिन कई बार कांग्रेस को अपने बयानों से सच्चाई दिखाते हुए भी नजर आए हैं। शशि थरूर कि तरह वह भी पार्टी को लेकर अपनी राय खुलकर सामने रखते हैं। चिदंबरम की पकड़ राजनीति पर काफी तगड़ी है। ऐसे में कांग्रेस नहीं चाहेगी कि उनके बड़े नेता उनसे किनारा कर लें।

कांग्रेस पर चिंदबरम का बयान 

हाल ही में चिंदबरम ने पाकिस्तान वाले मामले पर केंद्र सरकार की खुलकार तारीफ की थी। वहीं अब उन्होंने अपने बयान के जरिए कांग्रेस को खरी-खोटी सुना दी है। बता दें कि वह कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का एक किताब के विमोचन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “मुझे ऐसा नहीं लगता है कि इंडिया गठबंधन पूरी तरीके से एक साथ है। वह बिखरता हुआ नजर आ रहा है और इसका कोई भी उज्जवल भविष्य नहीं नजर आ रहा है। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान के जरिए उम्मीद जताई की गठबंधन अभी भी जुड़ सकता है। अगर समय रहते इस पर काम किया जाए तो, यह एक बड़ा गठबंधन बन सकता है।

चिदंबरम ने की पीएम मोदी की तारीफ 

चिदंबरम का यह बयान शायद ही कांग्रेस और बाकी आलाकमान को पसंद आए। इससे पहले भी चिदंबरम ने एक अखबार के लेख में पीएम मोदी की काफी तारीफ की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा था कि “सरकार ने सीमित सेन्य बल और कार्रवाई का रास्ता चुनकर एक बड़े युद्ध को टाल दिया है। जिसका उद्देश्य केवल आतंकवादी संगठनों को मिट्टी में मिलाना था।” उन्होंने इस कार्रवाई को पीएम मोदी का समझदारी करार दिया है।

थरूर-चिदंबरम एक राह पर 

गौरतलब हो कि एक हफ्ते में चिदंबरम दो बार कांग्रेस के उलट बयान दे चुके है। उनके यह बयान कांग्रेस को हैरान और परेशान कर सकते हैं। राजनीति से जुड़े लोग इस बयान को बारीकि से समझने की कोशिश कर रहे हैं। उनसे पहले शशि थरूर ने भी कांग्रेस से विपरीत बयान दिया था। जिसके बाद थरूर के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। थरूर और चिदंबरम के बयान से ऐसा लगता हो मानों वह पीएम मोदी के मुरीद हो गए हैं। वैसे इतनी जल्दी किसी भी निर्णय पर जाना बहुत जल्दबाजी होगी, क्योंकि वह अक्सर अपने बयानों से चौंकाते रहते हैं।

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