Jumma Alvida Namaz : अलविदा जुमा मुबारक! ईद से पहले आज जुमे की आखिरी नमाज, संभल समेत यूपी के कई जिलों में पुलिस अलर्ट

Jumma Alvida Namaz Uttar Pradesh : रमजान के महीने में ईद से पहले आज आखिरी जुमा है। इसे अलविदा जुमा भी कहा जाता है। ईद को अब कुछ ही दिन बाकी है। वहीं हिंदुओं के पवित्र त्यौहार नवरात्रि की शुरुआत भी होने जा रही है। इससे पहले होली के दिन भी जुमा पड़ा था। उस दौरान भी होली और जुमे को लेकर खूब सियासी घमासान मचा था। अब एक बार फिर अलविदा जुमे की नमाज़ को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दिल्ली से लेकर संभल तक सभी जगहों पर चेतावनीजारी कर दी गई है कि कोई भी व्यक्ति सड़क या घर की छतों पर नमाज नहीं पड़ेगा। संभल में पीस कमेटी की बैठक बुलाकर सबको नसीहत दी गई है कि कोई मस्जिद के अलावा कहीं नमाज़ पढ़ता हुआ दिखाई दिया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।

यूपी के कई जिलों में पुलिस अलर्ट 

एक तरफ जहां केंद्र सरकार कपड़े, दाल, चावल, सेवइयां, सरसों का तेल, चीनी और खजूर के साथ मुस्लिमों के लिए नई सौगात है। तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली से नवरात्रि में मीट-मटन की दुकानों को बंद कर ‘सेवइयां खिलाने की मांग उठ रही है।संभल के सीओ का विवादित बयान भी चर्चा में चल रहा है। दरअसल दिल्ली से लेकर संभल तक अलविदा जुमे की नमाज़ को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सभी को चेतावनी दी गई है कि नमाज घर के भीतर ही पड़े। साक या घर की छतों पर नामज पड़ने वालों की खिलाफ पुलिस एक्शन लेगी। मेरठ में तो पुलिस ने कह दिया है कि अगर किसी को सड़क पर नमाज पढ़ते देख लिया, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट तक रद्द किया जा सकता है।

जयंत चौधरी ने जताई नाराजगी 

हालांकि मेरठ पुलिस के बयान पर केंद्र मंत्री जयंत चौधरी को कुछ ख़ास पसंद नहीं आया है। बीजेपी के साथी दल के प्रमुख ने मेरठ पुलिस की तुलना ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग से कर दी। उन्होंने कहा कि “मौजूदा पुलिस व्यवस्था जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास 1984 की तरह हो गई है। जिसमें सत्ता निरंकुश होकर शासन करती है। वहीं इससे पहले संभल के सीओ अनुज चौधरी ने कहा था कि “सभी को अपना त्यौहार मनाने की आजादी है। अगर मेरा ये बयान गलत था तो इसे सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट में चैलेंज कर सकते थे। मैंने दोनोंचीजों के बारे में बराबर कहा है। सभी को अपना-अपना अधिकार है। अगर आप हमें ईद की सिवइयां खिलाना चाहते हो, तो आपको भी होली की गुजिया खानी होगी।”

मेरठ एसपी ने जारी किया आदेश 

वहीं मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने गुरूवार, 27 मार्च को कहा कि “सभी धर्मगुरुओं से अपील की है कि लोग अपने आसपास के मस्जिद में ही नमाज पढ़ें। अगर आपको नमाज ईदगाह में पढ़नी है तो समय पर आएं। मेरठ की रोड पर किसी भी हाला में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। अगर कोई सड़क पर नमाज पढ़ता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही उसका पासपोर्ट और लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की ख़ास अपील 

इसके साथ ही मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज अलविदा की नमाज पर मुस्लिम लोगों से एक ख़ास अपील की है। उन्होंने कहा कि वक़्फ़ संशोधन बील 2025 एक गहरी साजिश है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाहों, खानकाहों, कब्रिस्तानों और उनके अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों से बेदखल करना है। अगर यह बील पारित हो गया, तो सैकड़ों मस्जिदें, ईदगाहें, मदरसे, कब्रिस्तान और अनेक चैरिटी संस्थाएं हमारे हाथ से निकल जाएंगी। इसलिए देश के हर मुसलमान की यह ज़िम्मेदारी है कि वह इस बील का पुरजोर विरोध दर्ज कराए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश के तमाम मुसलमानों से अपील करता है कि वे जुमा-तुल-विदा के दिन अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं और अपने दुःख और आक्रोश का शांतिपूर्ण एवं मौन प्रदर्शन करें।

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