Ayodhya Ram Mandir: “टाइटेनियम से बनेगी राम मंदिर की खिड़कियों की ग्रिल…” निर्माण समिति के अध्यक्ष ने किया ऐलान

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में एक अनूठा और ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है, जहां मंदिर की खिड़कियों की ग्रिल टाइटेनियम धातु से बनाई जाएगी। यह भारत में पहली बार किसी मंदिर में टाइटेनियम के उपयोग का उदाहरण होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 28 जून 2025 को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टाइटेनियम को इसकी असाधारण मजबूती, हल्के वजन और एक हजार वर्ष से अधिक की आयु के कारण चुना गया है। यह धातु न केवल टिकाऊ है, बल्कि मौसम के प्रति भी प्रतिरोधी है, जो मंदिर की दीर्घकालिक संरक्षा सुनिश्चित करेगा।

टाइटेनियम धातु से बनाई जाएगी ग्रिल

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर की खिड़कियों की ग्रिल टाइटेनियम धातु से बनाई जाएगी, जो भारत में पहली बार किसी मंदिर में इस तरह का उपयोग होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 28 जून 2025 को यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टाइटेनियम को इसकी असाधारण मजबूती, हल्के वजन और लंबी आयु (एक हजार वर्ष से अधिक) के कारण चुना गया है। मंदिर के तीनों तलों पर कुल 32 खिड़कियों पर टाइटेनियम की जालियां लगाई जाएंगी, और यह कार्य 15 अगस्त 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। 

अयोध्या मंदिर का कार्य प्रगति पर

इसके साथ ही बंसी पहाड़पुर से लाए गए 14 लाख घन फीट पत्थर में से 13 लाख घन फीट का उपयोग हो चुका है। मंदिर के परकोटे पर रामकथा के प्रसंगों को दर्शाने वाले 80 कांस्य पैनलों में से 45 पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। ये पैनल मंदिर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को उजागर करते हैं। मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य, जिसमें चार किलोमीटर की चारदीवारी और ऑडिटोरियम को छोड़कर, दिसंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक गर्भगृह, जहां पहले रामलला विराजमान थे, को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा। यह स्थल भक्तों के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखता है। टाइटेनियम का उपयोग और अन्य निर्माण प्रगति मंदिर को न केवल आध्यात्मिक, बल्कि तकनीकी और स्थापत्य दृष्टिकोण से भी विश्व स्तर पर अद्वितीय बनाएगी।
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