Spy Cockroaches : अब सैनिक नहीं कॉकरोच लड़ेंगे जंग ! जर्मनी बना रहा खतरनाक प्लान

Spy Cockroaches : दुनिया ने पिछले कुछ समय में इतने युद्ध देखे है जिसके बाद से पूरे विश्व के लोगों में खौफ का माहोल पैदा हो गया है और सबसे बड़ी बात जहां हम अभी तक कमांडो, मिसाइल, परमाणु बम से कांपते थे लेकिन क्या हो जब हम आपको बताएं कि अब जंग में कमांडों नहीं बल्कि कॉकरोच लड़ेंगे जी हां, क्योकि जर्मनी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जो और देश अभी सोच भी नहीं पाए। क्या कभी आपने सोचा था कि कॉकरोच भी कभी जंग लड़ सकते है लेकिन ये अब होगा कैसे जानिए पूरी कहानी।

दरअसल जर्मनी कुछ ऐसा करने जा रहा है जिसके बाद अगली जंग में कमांडों नहीं कॉकरोच दुश्मनों के बंकर में घुसकर जासूसी करेंगे और वो भी माइक्रोफोन के साथ। क्या आपने कभी सोचा था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है लेकिन जर्मनी ने सबकी सोच से परे करने जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी जर्मनी की स्टार्टअप Helsing को दी गई है जो ऐसी सेना बनाएंगे जिसमें कमांडो की जगह AI-संचालित रोबोटिक टैंक होंगे, समुंदर में तैरते मिनी सबमरीन होंगे और दीवारों में घुसकर कान लगाने वाले स्पाई कॉकरोच होंगे तो अब कह सकते है कि हेलमेंट के नीचे दिमाग की जगह अब होगा डेटा सेंटर और तो और मशीनगन की जगह मशीन लर्निंग चलेगी। युद्ध का वो पैतरा पुराना हो जाएगा जिसमें मशीनगन वगैरह का इस्तेमाल होता है।

यूक्रेन पर हमले के बाद रक्षा तकनीक में आई तेजी

जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने स्टार्टअप्स को बोला था कि “हमारे पास पैसा है हिम्मत है तो अब दुनिया हिलाने की बारी है” बस इतना सुनते ही ARX Robotics, Helsing जैसी कंपनियों ने अपना कमाल दिखाने लगे और जिसके बाद टर्मिनेटर और टॉम एंड जेरी का कॉम्बिनेशन बनाना शुरू हो गया।

जर्मन स्टार्टअप्स अब स्पाई कॉकरोच, टैंक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट और मिनी-पनडुब्बियों जैसे अत्याधुनिक हथियार बना रहे हैं और इसे देश की सैन्य नीति का हिस्सा बनाया जा रहा है और HELSING का VALUATION आपको हैरान कर देगा । आपको बता दें कि हाल ही में Helsing का वैल्यूएशन 12 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

क्या है इस स्पाई कॉकरोच की खासियत?

ये कॉकरोच ऐसे एजेंट हैं जो दीवार चढ़कर दुश्मन की बात रिकॉर्ड करेंगे ये कोई आम कीड़े नहीं बल्कि टारगेट सोचेगें कि दीवार में सेंध कहां लगी? यह सेंसर और माइक्रोफोन से लैस हैं और दुश्मन की सीमाओं में चुपचाप घुसपैठ कर सकते हैं क्योंकि ARX Robotics ऐसे AI टैंक भी विकसित कर रहा है।

डिफेंस पर बड़ा दांव लगाने का प्‍लान

ऐसा पहली बार हो रहा है जब ज्‍यादा डिफेंस टेक में खर्च कर रहा है। इतना ही नहीं जर्मनी का प्लान इससे भी बड़ा है। इसमें जर्मनी साल 2029 तक 162 बिलियन यूरो झोंकने जा रहा है। ये सारा पैसा इन हाईटेक खिलौनों पर खर्च किया जाएगा।

लिहाजा इसके बाद जर्मनी ये साफ कर दिया है कि युद्ध अब सिर्फ बम-बारूद का खेल नहीं रहा। अब जंग वो जीतेगा, जो एल्गोरिदम में आग लगा दे! कमांडो क्‍या करेगा जब कॉकरोच पहले ही पहुंच जाए? क्‍योंकि अगली जंग में गोली नहीं चलेगी, बम चलेगा और कॉकरेच जासूसी करेगा ।

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