UPPCS में ‘करंट’ सवालों की बौछार, इंटरव्यू में पूछा —आप होते क्या करते?

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित UPPCS 2024 मेंस का रिजल्ट आने के बाद अब इंटरव्यू राउंड ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार दूसरे दिन भी इंटरव्यू बोर्ड के सामने सफल अभ्यर्थी हाज़िर हुए—लेकिन यहां सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि सोच, समझ और संतुलन की असली परीक्षा हो रही है। इंटरव्यू पैनल अभ्यर्थियों से देश-दुनिया के ताज़ा घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहा है।

सवालों की सूची में शामिल रहे—

  • यूपी में चर्चित ‘बुलडोजर जस्टिस’ पर आपकी राय क्या है?

  • मेरठ के बहुचर्चित ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड से समाज को क्या सीख मिलती है?

  • सोशल मीडिया पर बैन—क्या यह अभिव्यक्ति की आज़ादी पर चोट है?

  • बच्चों के मोबाइल उपयोग का सामाजिक प्रभाव क्या है?

सवाल सीधे हैं, लेकिन जवाबों में चाहिए संतुलन, संवेदनशीलता और प्रशासनिक समझ। इंटरव्यू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सवालों ने भी अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर किया। प्रशासन में AI का उपयोग कितना सुरक्षित? डेटा प्राइवेसी पर आपकी क्या राय है?

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सवाल दागे गए—

  • Donald Trump की नीतियों का भारत पर प्रभाव

  • तिब्बत में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े जलविद्युत बांध के भू-राजनीतिक मायने

  • भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव

यह साफ संकेत है—एक भावी अधिकारी को लोकल से ग्लोबल तक हर मुद्दे की समझ होनी चाहिए। प्रयागराज माघ मेला 2026 के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद और बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे को लेकर भी सवाल पूछे गए। पैनल जानना चाहता था— अगर आप उस स्थिति में होते, तो क्या फैसला लेते? प्रशासनिक दबाव और नैतिकता के बीच संतुलन कैसे बनाते?

  • अरावली पहाड़ियों में खनन का पर्यावरणीय असर

  • यूजीसी के नए एक्ट पर आपकी राय

  • Om Birla के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की संवैधानिक प्रक्रिया

  • वोट चोरी और चुनावी पारदर्शिता

इन सवालों से यह साफ है कि इंटरव्यू बोर्ड केवल जानकारी नहीं, बल्कि विश्लेषण क्षमता और लोकतांत्रिक समझ को परख रहा है।

UPPCS 2024 के इंटरव्यू 20 मार्च तक चलेंगे। संभावना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाए। UPPCS का इंटरव्यू अब सिर्फ औपचारिकता नहीं रहा। यहां अभ्यर्थियों से पूछा जा रहा है— अगर आप अधिकारी बने, तो फैसले कैसे लेंगे?यानी, किताबों के पन्नों से निकलकर अब बारी है—व्यवहारिक समझ, नैतिक संतुलन और नेतृत्व क्षमता की असली परीक्षा की।

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