अजित अनंत राव पवार : जो कभी विपक्ष में नहीं बैठा, हमेशा सत्ता का हिस्सा रहा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में दुखद निधन हो गया है। यह हादसा महज एक हादसा नहीं बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा हादसा है जो कभी भूलाया नहीं जा सकेगा। अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा गांव में हुआ था। ग्रामीण भारत की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच पले-बढ़े अजित को किसानों और कृषि समुदाय की समस्याओं की गहरी समझ थी। इन अनुभवों ने ही उनके राजनीतिक सफर की नींव रखी और क्षेत्रीय विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत किया। महाराष्ट्र के वे एक ऐसे नेता थे जो कभी विपक्ष में रहे ही नहीं। राजनीतिक जीवन में उनकी जमीनी समझ ही उन्हे एक ताकतवर नेता बना दिया। 

उनके चाचा शरद पवार 1982 तक महाराष्ट्र की राजनीति में प्रमुख कांग्रेसी नेता के रूप में स्थापित थे। अजित का राजनीतिक प्रवेश उनके परिवार की परंपरा और ग्रामीण मुद्दों से जुड़ा था।अपने लंबे करियर में अजित पवार ने कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले:

  • कृषि और बिजली राज्य मंत्री (जून 1991–नवंबर 1992)
  • जल आपूर्ति, बिजली और योजना राज्य मंत्री (नवंबर 1992–फरवरी 1993)
  • सिंचाई और बागवानी मंत्री (अक्टूबर 1999–जुलाई 2004)
  • ग्रामीण विकास, जल आपूर्ति, स्वच्छता और सिंचाई मंत्री (जुलाई 2004–नवंबर 2004)
  • जल संसाधन मंत्री (नवंबर 2004–नवंबर 2009)
  • जल संसाधन और ऊर्जा मंत्री (नवंबर 2009–नवंबर 2010)
  • उपमुख्यमंत्री (वित्त, योजना और ऊर्जा) – नवंबर 2010–सितंबर 2012 और दिसंबर 2012–सितंबर 2014

2019 में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ पहली बड़ी बगावत की। उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन कर देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने में मदद की और खुद उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन तीन दिन बाद इस्तीफा दे दिया। दिसंबर 2019 में वे वापस शरद पवार के साथ आए और उद्धव ठाकरे के महा विकास अघाड़ी गठबंधन में उपमुख्यमंत्री बने। जुलाई 2023 में महा विकास अघाड़ी सरकार के पतन के बाद उन्होंने फिर विद्रोह किया, एनसीपी में विभाजन हुआ और वे एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल हो गए।

2024 लोकसभा चुनाव में एनसीपी (अजित पवार गुट) को महज एक सीट मिली, लेकिन विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन की बड़ी जीत में अजित पवार की भूमिका अहम रही। 41 सीटों के साथ उन्होंने साबित किया कि वे अपने दम पर जनसमर्थन जुटा सकते हैं।अजित पवार की शादी पूर्व मंत्री पदमसिंह बाजीराव पाटिल की बेटी सुनेत्रा पवार से हुई। उनके दो बेटे हैं—जय पवार (बिजनेस में सक्रिय) और पार्थ पवार (राजनीति में, 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए)। 
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