अजीत दादा की मृत्यु के तीसरे दिन ही पत्नी सुनेत्रा बनीं उपमुख्यमंत्री

महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण दर्ज हो गया जब सुनेत्रा अजित पवार ने आज लोकभवन में उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई प्रमुख नेता और राजकीय हस्तियां उपस्थित रहीं। शपथ लेते ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री बन गईं।
यह घटनाक्रम दिवंगत उप-मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा के लिए बेहद भावुक रहा। अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था, जिसमें वे और चार अन्य लोग मारे गए थे। इस दुखद घटना के मात्र तीन दिन बाद ही एनसीपी ने सुनेत्रा को विधिमंडळ दल की नेता चुना और उप-मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त किया।

शपथ ग्रहण के दौरान सुनेत्रा पवार ने मराठी में शपथ ली: “मी सुनेत्रा अजित पवार…” और संविधान के प्रति निष्ठा तथा राज्य के हित में काम करने का संकल्प लिया। समारोह में ‘अजित दादा अमर रहे’ के नारे गूंजे, जो दिवंगत नेता के प्रति श्रद्धांजलि का प्रतीक था। शपथ ग्रहण के बाद विभागों के आवंटन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार:

  • वित्त (फाइनेंस) और नियोजन (प्लानिंग) विभाग, जो पहले अजित पवार के पास थे, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभालेंगे।
  • इस साल (2026) का राज्य बजट भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही पेश करेंगे। (गौरतलब है कि 2023 में भी फडणवीस ने वित्त विभाग संभाला था।)
  • सुनेत्रा पवार को अजित पवार के अन्य प्रमुख विभाग सौंपे जा सकते हैं, जिनमें राज्य उत्पाद शुल्क (एक्साइज), खेल एवं युवा कल्याण (स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर), अल्पसंख्यक विकास एवं वक्फ (माइनॉरिटी डेवलपमेंट एंड वक्फ) शामिल हैं।

 

एनसीपी सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा, ताकि बजट प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहे। विभागों का पूर्ण री-एलोकेशन जल्द होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री फडणवीस राज्यपाल को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देंगे। सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। उप-मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें छह महीने के अंदर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद में प्रवेश करना होगा, संभवतः बारामती उपचुनाव या एमएलसी के रूप में। उनकी नियुक्ति एनसीपी में स्थिरता लाने और अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह फैसला महायुति सरकार में एनसीपी की स्थिति को मजबूत करने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने भी सुनेत्रा पवार को बधाई दी है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम न केवल एक महिला नेता के उदय का प्रतीक है, बल्कि दुखद परिस्थितियों में भी पार्टी और परिवार की एकजुटता को दर्शाता है। 
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