भारत में अगर कोई बच्चा दीवाली, होली या नवरात्रि आदि किसी त्योहार पर जन्म लेता है तो पूरे परिवार के चेहरों पर एक अलग खुशी देखने को मिलती है। एक तो पूरा परिवार साथ में त्योहार मना सकता है, वहीं बच्चे के जन्म से परिवार में खुशियां बढ़ जाती है।
परिवार के लिए खास
भारत में त्योहार केवल खुशियों और परंपराओं का प्रतीक नहीं होते हैं, बल्कि इन्हें शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का भी संकेत माना जाता है। ऐसे में अगर किसी बच्चे का जनम किसी बड़े त्योहार के दिन होता है, तो परिवार और समाज इसे बेहद खास और सौभाग्यशाली मानते हैं।
बच्चों को मिलता है भगवान का आशीर्वाद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्योहारों के दिन वातावरण में आध्यात्मिक शक्ति और शुभ कंपन अधिक होते हैं। यही कारण है कि त्योहार पर पैदा होने वाले बच्चों पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है। अकसर कहते हैं कि ये बच्चे अपने साथ परिवार में खुशियां और समृद्धि लेकर आते हैं।
ज्योतिष महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति और चंद्रमा के चरणों का त्योहारों पर असर पड़ता है। कई हिंदू त्योहार चंद्र कैलेंडर पर आधारित होते हैं। इन त्योहारों के दौरान सूर्य और चंद्रमा की स्थिति बहुत मजबूत मानी जाती है। माना जाता है कि इन दिनों जन्मे बच्चों को उस समय की ऊर्जा मिलती है। त्योहार पर जन्मे बच्चे किसी न किसी तरह खास होते हैं। कहा जाता है कि इन दिनों जन्मे बच्चों में गहरी भावनाएं, मजबूत अंतर्ज्ञान और जीवन में अर्थ व आध्यात्मिकता खोजने की स्वाभाविक चाहत होती है।