भारतीय रेलवे (Indian Railways) दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. इसका कुल रूट लगभग 68,000 से 70,000 किलोमीटर से अधिक तक फैला हुआ है। बड़े-बड़े रेलवे स्टेशन, आधुनिक सुविधाएं, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और हाईटेक प्लेटफॉर्म आज भारतीय रेलवे की पहचान बन चुके हैं। लेकिन इसी देश में एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी मौजूद है, जिसके बारे में जानकर लोग हैरान रह जाते हैं।
भारत का एकमात्र स्टेशन
दरअसल, राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब लीलमा और जैसिंधर रेलवे स्टेशन मौजूद हैं। ये स्टेशन काफी पुराने बताए जाते हैं और इनका इतिहास आजादी से पहले का माना जाता है। सीमा से सटे इलाके में होने की वजह से यहां लोगों की जनसंख्या काफी कम है और लंबे समय तक रेलवे सुविधाओं का विकास भी बहुत धीमी गति से हुआ। यही कारण रहा कि इतने सालों तक यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाईं।
यात्रियों को होती है परेशानी
आमतौर पर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म सबसे जरूरी सुविधा माना जाता है, लेकिन लीलमा और जैसिंधर स्टेशन पर लंबे समय तक प्लेटफॉर्म ही मौजूद नहीं था। ट्रेनें सीधे पटरियों के किनारे रुकती थीं और यात्रियों को नीचे से ही ट्रेन में चढ़ना पड़ता था। यह काम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए काफी मुश्किल भरा होता था। कई बार यात्रियों को भारी सामान के साथ ऊंची सीढ़ियों पर चढ़ने में परेशानी होती थी और छोटी सी लापरवाही हादसे का कारण बन जाती थी।
ठेकेदार बैग लेकर काटता है टिकट
इस स्टेशन की सबसे अनोखी बात इसकी टिकट व्यवस्था थी। यहां कोई टिकट खिड़की या बुकिंग ऑफिस नहीं था। ट्रेन आने से करीब 10 से 15 मिनट पहले एक ठेकेदार बैग में टिकट लेकर स्टेशन पहुंचता था। यात्री उसी से टिकट खरीदते थे।
स्टेशनों की स्थिति में सुधार
हालांकि अब रेलवे प्रशासन ने इन स्टेशनों की स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जानकारी के मुताबिक इन स्टेशनों पर करीब 600-600 मीटर लंबे प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अन्य जरूरी काम भी शुरू किए गए हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा इन स्टेशनों पर बिजली और जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
