मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है। शहर में कुत्तों की नसबंदी (Animal Birth Control) के नाम पर एक बड़े ‘अंग घोटाले’ की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि एक निजी कंपनी ने सरकारी पैसा हड़पने के लिए बाहर से कुत्तों के कटे हुए अंग लाकर मंडला में पेश करने की तैयारी कर ली थी।
जिला प्रशासन, पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने जब एनिमल एक्टिविस्ट निशा ठाकुर के शेल्टर होम में छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। कमरे में रखे दो बड़े कंटेनरों से कुल 795 कुत्तों के प्रजनन अंग बरामद किए गए। जिसमें नर कुत्तों के 518 अंग और मादा कुत्तों के 277 अंग पाए गए। इन अंगों को सड़ने से बचाने के लिए ‘फॉर्मेलिन’ नामक खतरनाक केमिकल में डुबोकर रखा गया था।
पूरा मामला ‘मां अंबे एंटरप्राइजेज’ नामक संस्था से जुड़ा है, जिसे नगरपालिका मंडला ने 669 रुपये प्रति कुत्ता की दर से नसबंदी का टेंडर दिया था। आशंका जताई जा रही है कि संस्था ने मंडला के कुत्तों की नसबंदी करने के बजाय, कहीं और से भारी मात्रा में कटे हुए अंग मंगवाए। योजना यह थी कि इन अंगों को स्थानीय कुत्तों का बताकर नगरपालिका से लाखों रुपये का भुगतान उठा लिया जाए।
गजानन नफाड़े, नगरपालिका अधिकारी के मुताबिक इस खौफनाक खेल का खुलासा एनिमल एक्टिविस्ट निशा ठाकुर की वजह से हुआ। संस्था ने उनसे मदद मांगते हुए उनके शेल्टर होम में एक कमरा लिया था। ढाई महीने बीत जाने के बाद भी जब एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं हुई, तो निशा को शक हुआ।
उन्होंने जब खुद पड़ताल की और संदिग्ध डिब्बे देखे, तो तुरंत प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी। संस्था को दो-तीन बार नोटिस देने के बाद काम न करने पर हमने टेंडर पहले ही निरस्त कर दिया था। अब पुलिस के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच की जा रही है।”
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि नगरपालिका की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पशु चिकित्सा सेवा के उप-संचालक यूएस तिवारी ने पुष्टि की है कि बरामद अंग कुत्तों के ही हैं और उन्हें अवैध तरीके से स्टोर किया गया था।
आखिर ये 795 अंग कहाँ से आए? क्या किसी दूसरे शहर में सैकड़ों कुत्तों को बेरहमी से मारकर या बिना प्रोटोकॉल के सर्जरी कर ये अंग जमा किए गए? मंडला पुलिस अब इस गिरोह के अंतरराज्यीय कनेक्शन की तलाश कर रही है।