प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने कहा कि देश अब एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लेने जा रहा है, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था। यह फैसला है—महिला आरक्षण कानून।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी के एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ महिलाओं की शक्ति को सलाम किया जा रहा है। उन्होंने इसे अब तक का सबसे बड़ा फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि उन करोड़ों महिलाओं के सपनों को सच करने का जरिया है जो देश चलाने में अपनी भूमिका निभाना चाहती हैं।
पीएम ने बताया कि महिला आरक्षण को समय पर लागू करने के लिए 16 अप्रैल से संसद की विशेष बैठक बुलाई जा रही है। यह बैठक लोकतंत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी को और मजबूत करेगी। पीएम ने भावुक होते हुए कहा, “मैं यहाँ कोई भाषण देने नहीं, बल्कि अपनी माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूँ।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछले 40 साल से इस बात पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अब वो वक्त आ गया है जब यह हकीकत बनेगा। मोदी जी ने कहा कि जब फैसले लेने वाली जगहों पर महिलाएँ बैठेंगी, तो सरकारी कामों में ज्यादा संवेदनशीलता और अपनापन आएगा। इससे पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ेगा।
इस कानून के आने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित हो जाएंगी। पीएम मोदी ने इसे ‘नए युग की शुरुआत’ बताते हुए सभी महिलाओं को बधाई दी और कहा कि अब सामाजिक न्याय सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि काम में भी दिखेगा।