Bakrid Celebrations: देश में धूमधाम से मनाई जा रही बकरीद, जानें क्या है कुर्बानी का महत्व?

Bakrid Celebrations News : आज शनिवार, 7 जून को बकरीद का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह 5:30 से 10:30 बजे तक शहर की सभी ईदगाहों व मस्जिदों में नमाज अदा की जा रही है। आज मुसलमान अल्लाह की राह में कुर्बानी देंगे। कुर्बानी का ये सिलसिला नौ जून तक जारी रहेगा। इसी के चलते बाजार बकरों से सजे धजे हैं।

बकरीद के बारे में 5 अहम बातें

बकरीद, जिसे ईद-उल-अज़हा या ईद-उल-ज़ुहा भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। यहां बकरीद की 5 खास बातें हैं।

  1. कुर्बानी का महत्व: बकरीद हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति समर्पण और बलिदान की भावना को याद करती है, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने की इच्छा दिखाई।
  2. नमाज और दुआ: इस दिन मुस्लिम समुदाय विशेष ईद की नमाज अदा करता है, जो मस्जिदों या ईदगाहों में पढ़ी जाती है। इसके बाद दुआएं मांगी जाती हैं।
  3. कुर्बानी की रस्म: नमाज के बाद, जो लोग सामर्थ्य रखते हैं, वे बकरे, भेड़, या अन्य हलाल जानवर की कुर्बानी करते हैं। कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है: परिवार, रिश्तेदार/दोस्त, और गरीबों के लिए।
  4. खुशी और एकजुटता: बकरीद का त्योहार आपसी भाईचारे, एकता और दान की भावना को बढ़ावा देता है। लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, बधाई देते हैं और स्वादिष्ट पकवान जैसे बिरयानी, सीख कबाब आदि साझा करते हैं।
  5. हज के साथ संबंध: बकरीद हज (मक्का की तीर्थयात्रा) के अंत के साथ मनाई जाती है। यह ज़ु-एल-हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को होती है, जो इस्लामी कैलेंडर का आखिरी महीना है। 

मुस्लिम समुदाय में काफी उत्साह

देशभर में लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, राजस्थान के जयपुर, बिहार के पटना, और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जैसे शहरों में सुबह की नमाज के लिए भारी भीड़ देखी गई। मुस्लिम समुदाय में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। अजमेर की बकरा मंडी में 15,000 से 1.5 लाख रुपये तक के बकरे बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, और खरीदारों की भीड़ बढ़ रही है।

यूपी में बकरीद को लेकर एडवाइजरी जारी 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर रोक और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने की हिदायत दी गई है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने भी बकरीद पर होने वाली कुर्बानी को लेकर हिंसा और पर्यावरणीय चिंताओं पर सवाल उठाए हैं, इसे संविधान के खिलाफ बताते हुए वैकल्पिक सात्विक तरीकों की वकालत की है।

दिल्ली में भी दिशा-निर्देश जारी

दिल्ली नगर निगम ने कुर्बानी के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए हैं और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अजमेर में सोजत, अजमेरी, और बरबरी नस्ल के बकरे मंडी में आकर्षण का केंद्र हैं। लोग पहले से बकरे बुक कर रहे हैं, और बाजारों में रौनक बढ़ गई है।

देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम 

देशभर में बकरीद के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संभल में पिछले साल की हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन ने ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। कुर्बानी केवल निर्धारित स्थानों पर करने के निर्देश दिए गए हैं। गाजियाबाद में भी पुलिस कमिश्नरेट ने शांति व्यवस्था के लिए पीस कमेटी की बैठकों और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की है।
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