तिलजला अग्निकांड: अवैध फैक्ट्री को जमींदोज करने का आदेश

कोलकाता के तिलजला में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद राज्य की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि भाजपा सरकार में \’सिंडिकेट राज\’ और \’अवैध धंधों\’ के लिए कोई जगह नहीं है। जिस फैक्ट्री में आग लगने से दो लोगों की मौत हुई, उसे अवैध घोषित कर तुरंत ध्वस्त करने (बुलडोजर एक्शन) का आदेश जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित जांच समिति ने पाया कि पिछली अव्यवस्थाओं के कारण यह फैक्ट्री बिना किसी स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और फायर सेफ्टी मानकों के चल रही थी। सरकार ने इसे पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार का नतीजा बताते हुए कहा कि अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक और उसके सहयोगी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि राज्य में \”कानून का राज\” स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है और दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो नजीर बनेगी।

मुख्यमंत्री ने CESC को तिलजला, कस्बा और तपसिया जैसे इलाकों में चल रही सभी अवैध फैक्ट्रियों की बिजली तुरंत काटने का निर्देश दिया है। कोलकाता नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि अवैध ढांचों की पानी सप्लाई बंद की जाए और उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू हो। बिजली विभाग की टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक \’गुंडा टैक्स\’ देकर जो अवैध व्यापार फल-फूल रहे थे, उन पर भाजपा सरकार का बुलडोजर चलेगा।

दिलीप घोष, कैबिनेट मंत्री ने कहा कि तिलजला और तपसिया में अवैध कारोबार को कुटीर उद्योग बना दिया गया था। सिंडिकेट के लोग पैसे लेकर मौत की फैक्ट्रियां चलवाते थे। सुवेंदु सरकार में अब व्यवस्था बदल चुकी है, अब केवल नियम चलेंगे।\”

पूर्व मंत्री सुजीत बसु और अन्य की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर होकर जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है, उनमें से कोई नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि बालू, कोयला और पत्थर माफिया के साथ-साथ अब उन \’बड़े चेहरों\’ की बारी है जो अवैध निर्माणों को संरक्षण देते थे।

सुवेंदु सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों और सिंडिकेट संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दे दिया है कि पश्चिम बंगाल में अब विकास और सुरक्षा केवल नियमों के दायरे में ही होगी।

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