Pahalgam Terror Attack : गोलियों की बौछार, चीखते और मरते लोग…. पहलगाम का नया वीडियो दहला देगा दिल

Pahalgam Terror Attack Update : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ। वहीं पहलगाम में 6 दिन पहले हुए आतंकी हमले का एक दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया है।यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहे है। वायरल हो रही वीडियो  एक सैलानी के जिपलाइन पर लगे कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई। चश्मदीद ऋषि ने एक मीडिया चैनल के बताया कि किस तरह से नीचे गोलियां चल रही थीं और उन्हें 20 सेकंड बाद हमले का पता चला। उन्होंने बताया कि करीब पांच आतंकी सेना की वर्दी में थे, चेहरे ढके हुए थे और वे लोगों का धर्म पूछकर गोली मार रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं खुद बाल-बाल बची।

चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी

उन्होंने आगे कहा कि “मैं मस्ती में था, वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। शुरूआत में तो सब कुछ सही था, लेकिन फिर अचानक से फायरिंग शुरू हो गई। मुझे लगभग 20 सेकंड बाद एहसास हुआ कि आतंकी हमला हुआ है। मैंने नीचे पहुंचते समय देखा कि मेरी वाइफ के सामने दो लोगों को गोली मारी गई थी। मैं अगला टारगेट था, लेकिन दो लड़कों के आने से मैं बच गया।”

पहलगाम आतंकी हमला 

पहलगाम आतंकवादी हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में हुआ था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमलावरों ने बाइसरण घाटी में पर्यटकों पर हमला किया, जो एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। हमलावर पांच आतंकवादी, जिनमें से तीन पाकिस्तानी नागरिक और दो स्थानीय निवासी थे। द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली, लेकिन बाद में अपना दावा वापस ले लिया।

सरकार कर रही कड़ी कर्रवाई

भारत सरकार ने हमले की निंदा की और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं सुरक्षा बलों ने हमले के बाद व्यापक तलाशी अभियान चलाया और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए प्रयास किए। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए सहायता: सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए सहायता प्रदान की और घायलों के इलाज के लिए व्यवस्था की।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए प्रयास किए। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच शुरू की और आतंकवादियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा किए।

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