Lahore Blast:  धमाकों की आवाज से गूंजा लाहौर…ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में लगातार तीन ब्लास्ट

Blast in Lahore: पाकिस्तान और भारत की तनाव जंग तक पहुंच गया है। बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के लाहौर के वॉल्टन, गोपाल नगर और नसराबाद इलाकों में गुरूवार, 08 मई को धमाकों की अवाज सुनी। धमाके की खबर लगते ही रेस्क्यू और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक, लाहौर में एक के बाद एक लगातार 3 धमाके हुए। हालांकि, इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

पाकिस्तान में बम धमाके 

बता दें कि बुधवार, 7 मई को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के बोलन दर्रा इलाके में IED ब्लास्ट से हुई थी, जिसमें 12 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई। इस घटना की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है।

भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 

भारत ने मंगलवार 06 मई की देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया है। इस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए के लिए POK और पाकिस्तान के पंजाब में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

पहलगाम आतंकी हमले का बदला

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 बेकसूर लोगों की जान चली गई। वहीं इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने बुधवार 07 मई को जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित गांवों को निशाना बनाया। यहां पाकिस्तान ने गोलाबारी की और मोर्टार गोले दागे जिसमें चार बच्चों और एक सैनिक सहित 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं 57 अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी है।

जैश-ए-मोहम्मद का परिवार खत्म

इस हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने स्वीकार किया कि बहावलपुर में उनके संगठन के मुख्यालय पर भारत के मिसाइल हमले किए। इस हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए। इसके अलावा इस हमले में कई आतंकियों की भी मारे जाने की खबर है।

ऑपरेशन से क्यों जोड़ा ‘सिंदूर’ का नाम?

भारत ने इस सैन्य कार्रवाई के नाम में ‘सिंदूर’ इसलिए रखा, क्योंकि यह परंपरा में विवाहित महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं और इसे उनके सुहागन होने का एक प्रतीक माना जाता है। पहलगाम आतंकी हमले में 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। हमले में कई पत्नियों ने अपने पति को खो दिया।

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