NEET-UG 2026 महासंकट: पेपर लीक कांड में CBI की धमाकेदार एंट्री

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पर लगे पेपर लीक और अनियमितताओं के दाग ने अब कानूनी रूप ले लिया है। केंद्र सरकार के कड़े रुख के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर देशव्यापी जांच शुरू कर दिया है।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत को आधार बनाते हुए CBI ने मामले की कमान संभाल ली है। एजेंसी ने न केवल आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) और धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया है, बल्कि नए \’लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024\’ की सख्त धाराओं को भी शामिल किया है।

National Testing Agency (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित की गई इस परीक्षा के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लीक की खबरें आने लगी थीं। शिकायतों के अनुसार, परीक्षा से पहले ही कुछ गोपनीय दस्तावेज़ अवैध रूप से प्रसारित किए गए थे। प्राथमिक जांच में परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता होने की पुष्टि की आशंका जताई गई है, जिसके बाद मामला CBI को सौंपा गया।

CBI ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई विशेष जांच टीमें (SIT) गठित की हैं। ये टीमें वर्तमान में बिहार, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में सक्रिय हैं। टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लीक हुए पेपर की कड़ियों को जोड़ना। क्या इसके पीछे कोई अंतरराज्यीय संगठित रैकेट (Organized Racket) काम कर रहा है? परीक्षा केंद्रों या प्रिंटिंग प्रेस के स्तर पर कहां से सेंधमारी हुई?

NEET परीक्षा में हर साल लाखों छात्र अपने डॉक्टर बनने के सपने के साथ बैठते हैं। बार-बार होते पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने छात्रों के विश्वास को हिलाकर रख दिया है। इसी विश्वास को बहाल करने के लिए सरकार ने हाल ही में Public Examination Act, 2024 लागू किया है, जिसके तहत इस मामले में शामिल दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी।

CBI ने स्पष्ट किया है कि जांच \”पूरी गहराई और व्यापकता\” के साथ की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी के हाथ कुछ महत्वपूर्ण सबूत लगे हैं, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई बड़े शहरों से गिरफ्तारियां और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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