देश को मिलेंगे 3 नए AIIMS, 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े ऐलान किए हैं। बजट में देश में तीन नए AIIMS (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है, साथ ही रेलवे को मजबूत बनाने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है।

वर्तमान में देश में 20 AIIMS संचालित हैं, और बजट में तीन नए AIIMS बनाने की घोषणा की गई है। इससे मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और हेल्थकेयर सुविधाओं में विस्तार होगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधाओं की कमी है। यह कदम ‘विकसित भारत @2047 की दिशा में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने का हिस्सा है, जहां मेडिकल टूरिज्म और किफायती इलाज पर फोकस है।

बजट में आयुर्वेद क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया गया है, जिसमें तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद और 5 क्षेत्रीय आयुष मेडिकल हब्स का प्रस्ताव है, लेकिन मुख्य फोकस मॉडर्न मेडिसिन पर AIIMS के विस्तार पर रहा।

वित्त मंत्री ने पर्यावरण-अनुकूल और तेज यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है। ये कॉरिडोर प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे और आर्थिक विकास के ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में काम करेंगे।

पूर्ण सूची इस प्रकार है:

  • मुंबई से पुणे
  • पुणे से हैदराबाद
  • हैदराबाद से बेंगलुरु
  • हैदराबाद से चेन्नई
  • चेन्नई से बेंगलुरु
  • दिल्ली से वाराणसी
  • वाराणसी से सिलीगुड़ी

ये कॉरिडोर दक्षिण भारत में एक हाई-स्पीड क्वाड्रिलेटरल बनाएंगे, जो टेक्नोलॉजी हब्स, मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स और बड़े आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा। पूर्वी भारत में वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर नॉर्थईस्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इससे यात्रा समय कम होगा, कार्बन फुटप्रिंट घटेगा और रोजगार सृजन होगा।

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