Quetta Blast : भारत से तनाव के बीच क्वेटा में IED ब्लास्ट, मारे गए 10 पाकिस्तानी जवान

Quetta Blast News : बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर शुक्रवार (25 अप्रैल) को बड़ा हमला हुआ है। यहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया कि उसने क्वेटा के पास मार्गट इलाके में पाकिस्तानी सेना पर हमला किया है। इस हमले में 10 सैनिकों को मार गिराया है। BLA के अनुसार, यह हमला रिमोट-कंट्रोल्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के जरिए किया गया है। इस हमले में सेना का वाहन पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

बता दें कि काफी समय से यह इलाका बलूच विद्रोहियों की गतिविधियों का एक अहम केंद्र रहा है। इस हमले को लेकर फिलहाल पाकिस्तानी आर्मी की तरफ से कोई बयान जारी नही किया है। बलूच आर्मी पिछले कई सालों से बलूचिस्तान की आजादी की मांग कर रही है। काफी लंबे समय से यह संघर्ष चल रहा है। बलूच लिबरेशन आर्मी ने बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है।

BLA के प्रवक्ता ने जारी किया बयान

BLA के प्रवक्ता जियांद बलोच ने बयान जारी कर कहा, “हमारी तरफ से कब्जाधारी सेना के खिलाफ इसी तरह के हमले जारी रहेंगे। एक रिमोट-कंट्रोल IED से हमला किया गया, इस हमले में दुश्मन की एक गाड़ी पूरी तरह तबाह हो गई और उसमें सवार सभी 10 सैनिक मारे गए।”  इनमें शहज़ाद अमीन, नायब सूबेदार अब्बास, सिपाही खलील, सिपाही जाहिद समेत कई अन्य सिपाही शामिल है।

निशिकांत दुबे ने किया पोस्ट

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा पाकिस्तानी सेना पर किए गए हमले पर बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा “बलूची ने पाकिस्तान सेना को ठिकाने लगाया ।पाकिस्तान अब हमारे टुकड़े टुच्चे गैंग की तरह टुकड़े टुकड़े हो जाएगा,56 इंच।”

क्या है बलूच लिबरेशन आर्मी ?

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) एक बलूच राष्ट्रवादी उग्रवादी संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है। संगठन का दावा है कि वह बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार और सेना के कथित अत्याचारों के खिलाफ लड़ रहा है और बलूच लोगों के अधिकारों की मांग कर रहा है। बीएलए ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें सैन्य और नागरिक लक्ष्यों पर हमले शामिल हैं। संगठन ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के खिलाफ भी हमले किए हैं, जो बलूचिस्तान से होकर गुजरता है। पाकिस्तान सरकार ने बीएलए को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है और इसके खिलाफ कई अभियान चलाए हैं। भारत सहित कई देशों ने भी बीएलए को आतंकवादी संगठन माना है। बलूच लिबरेशन आर्मी का गठन 1970 के दशक में हुआ था।

 

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